Friday, March 20, 2020

Nirbhaya Case:चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में दी गई फांसी, डॉक्टरों ने की मौत की पुष्टि

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Nirbhaya Case:चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में दी गई फांसी, डॉक्टरों ने की मौत की पुष्टि


नई दिल्ली : निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले (Nirbahya Gangrape Case) के चारों दोषियों मुकेश सिंह 32 वर्ष, पवन गुप्ता 25 वर्ष, विनय शर्मा 26 वर्ष और अक्षय कुमार सिंह 31 वर्ष को शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दी गई।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में दोषियों को फांसी दी गई।

बताया गया तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल की देखरेख में फांसी दी गई। मिली जानकारी के अनुसार चारों दोषियों ने फांसी से पहले ना कुछ खाया और ना नहाया। चारों दोषियों को पवन जल्लाद ने फांसी दी। चारों दोषियों के मौत की आधिकारिक पुष्टि तिहाड़ जेल में मौजूद डॉक्टरों ने की।


फांसी के दौरान तिहाड़ में जेल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। दोषियों को 15 लोगों की टीम की निगरानी में फांसी दी गई। मिली जानकारी के अनुसार फांसी देने के बाद आधे घंटे तक उन्हें तख्ते पर ही लटकाये रखा गया। इसके बाददोषियों का पोस्टमार्टम दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में होगा।

दोषियों को फांसी दिये जाने के बाद निर्भया के मां आशा देवी ने कहा कि 'आखिरकार उन्हें फांसी पर लटका दिया गया। आज का दिन हमारी बच्चियों के नाम, हमारी महिलाओं के नाम, क्योंकि आज के दिन निर्भया को न्याय मिला। मैं न्यायपालिका, राष्ट्रपति, अदालत और सरकारों का आभार व्यक्त करती हूं।'


आशा देवी ने कहा कि इस मामले के बाद कानून की खामियां भी बाहर आईं‌ फिर भी न्यायपालिका पर हमारा विश्वास बरकरार है। बताया गया कि चारो दोषियों को फांसी देने वाले पवन जल्लाद को 60,000 रुपये दिये जाएंगे।

मीडिया से बातचीत में आशा देवी ने कहा कि चारों दोषियों को फांसी अपराधियों के लिए सबक है। उन्होंने कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट से लौटते ही मैंने अपनी बेटी की तस्वीर को गले लगाया उन्होंने कहा कि मैं अपनी बेटी को बचा नहीं पाई मुझे इसका दुःख है। एक मां के तौर पर मेरा धर्म आज पूरा हुआ। आशा देवी ने कहा कि किसी की बच्ची के साथ अन्याय हो तो उसका साथ देना चाहिए।'


वहीं निर्भया के पिता ने कहा कि 'आज का दिन सिर्फ निर्भया का ही नहीं बल्कि हर महिला, बच्ची का दिन है। आज के दिन की व्याख्या नहीं की जा सकती।'










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