पटना में चर्चित गीतकार की मौत, दोस्त के फ्लैट में मिली शव, पैर बंधा था, बाल्टी में डुबा था सिर

PATNA : बिहार के धरोहर माने जाने वाले लोक संगीत के लेखक ब्रज किशोर दुबे की संदिग्ध हालत में सोमवार की शाम मौत हो गई। पटना जिले के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के केशरी नगर की घटना है। एक बंद फ्लैट के बाथरूम से ब्रज किशोर दुबे का शव बरामद किया गया है। यह फ्लैट उनके एक मित्र का है। उनकी मौत पर जहां संगीत से जुड़े लोगों को सदमा लगा है तो वहीं इस बात को लेकर सवाल उठ रहा है कि आखिर 58 वर्षीय ब्रज किशोर दुबे की मौत का कारण क्या हो सकता है।

ब्रज किशोर दुबे गीतकार के साथ एक महान संगीतज्ञ भी थे। उन्हें 2017 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा लोक संगीत के क्षेत्र में योगदान देने के लिए पद्मश्री पुरस्कार भी मिला था। उन्होंने शत्रुघ्न सिन्हा के लिए भी गीत लिखे थे। इसके अलावा भोजपुरी के कई कलाकारों के लिए भी गीत लिखे थे।

दामाद ने कहा- यह हत्या लग रहा

मृतक ब्रज किशोर दुबे के दामाद महेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि जिस तरह से पैर बंधा हुआ था और उनका सर बाल्टी भरे पानी में था, लेकिन हाथ खुला हुआ था इससे संशय की स्थिति है। प्रथम दृष्टया यह हत्या लग रहा है। वहीं पाटलिपुत्र थानाध्यक्ष विजेंद्र कुमार साही ने कहा कि जिस रूम में वह बंद थे वह अंदर से लॉक था। जो खिड़की है उसमें लोहे का ग्रिल लगा हुआ है। वह काफी पुराना भी है। अगर कोई हत्या करेगा तो अंदर से बंद करके बाहर कैसे निकलेगा। पुलिस का मानना है कि यह आत्महत्या है। थानाध्यक्ष ने बताया कि एफएसएल की टीम जांच कर सबूतों को ले गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

मौके से सुसाइड नोट भी मिला

इधर, मौके से पुलिस ने एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। हालांकि उसमें किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। शव बंद कमरे के बाथरूम में मिला है। दो दिन पहले ही ब्रज किशोर दुबे ने अपने दोस्त से फ्लैट की चाबी ली थी। यह कहते हुए कि उन्हें थोड़ी शांति में कुछ लिखना है। अगले दिन फोन नहीं उठाया तो उनके मित्र और बेटे उन्हें खोजते हुए इस फ्लैट में पहुंचे थे। फ्लैट अंदर से बंद था। सबके सामने दरवाजा तोड़ा गया। इसके बाद यह घटना सामने आई।