एक राजकुमारी ‘PRINCESS’ की सच्ची कहानी | A true story of father daughter

पिता पुत्री की दिल छू लेने वाली एक सच्ची कहानी | a true story of father daughter

पत्नी अपने पति से कहती है……..!

पत्नी- पता नहीं क्या हो गया है, हमारी पायल को, कल रात को खाना भी नहीं खाया, और रो भी रही थी… अभी सुबह जगाने गई तो फिर से रो रही थी…वजह पूछी तो, बस इतना कही की…! PLEASE माँ…मुझे अकेला छोड़ दो.. मुझे लगता है की शायद उसे कीसी ने प्यार में धोखा दिया है। डर लगता है, कहीं वह खुद को नुकसान न पहुँचाये।

पति- थोड़ी खामोशी के बाद कहता है…..! ठीक है मैं देखता हूँ। इतना कहकर वह अपने बेटी के कमरे में जाते हैं। पिता- PAYAL…कैसी हो बेटा? बेटी- PLEASE PAPA.. मुझे कुछ दिनों के लिए अकेला छोड़ दीजिए। पिता- ठीक है बेटा…मगर एक शर्त है, बेटी – बोलिए। पिता- मैं तुम्हें एक बकवास कहानी सुनाना चाहता हूँ, तुम सुन लो. फिर हम तुम्हें Disturb नहीं करेंगे..ok?

बेटी- ठीक है सुनाइये…

पिता- आज से करीब 20 साल पहले एक राजा हुआ करते थे.. बेहद अमीर। उनके दो बेटे थे…बड़ा बेटा बेहद आज्ञाकारी और इमान्दार था। उस राजा को अपने बड़े बेटे पर नाज था। उसकी शादी एक खूबसूरत लड़की से कर दी गईं। फिर वह खूबसूरत लड़की (राजा की बड़ी बहू) गर्भवती हुई। घर में खुशीयां ही खुशियाँ छा गई। मगर राजा की जिद थी की बेटा ही हो। फिर राजा ने अपने बहू के गर्भ का चेकअप करवाया तो पता चला की गर्भ में लड़की है।

राजा ने बेटे को हुक्म दिया की लड़की को गिरा दिया जाए..

आखिर बड़ा बेटा आज्ञाकारी था। ना तो करेगा नहीं। मगर पता नहीं उस पागल बेवकूफ को क्या सूझा की… दो दिन बाद अपना राज पाट, धन दौलत, शानो शौकत सबकुछ छोड़ के अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर महल से गायब हो गया। सच कहूँ तो वह बड़ा बेवकूफ और पागल था। लोग बेटीयों को बोझ समझकर गर्भ में नष्ट कर देते है, और एक वह बेवकूफ पागल, एक बेटी के लिए तमाम सुख सुविधाओं को ठोकर मार दिया।

वह बाप की बात मानता तो आज उसकी जगह राजा होता।

न जाने वह बेटी के लिए पागल बाप न जाने कीस हालत में होगा। तभी पायल की मां वहाँ आकर कहती है की…. वह बेटी के लिए पागल शख्स और कोई नहीं…येही तेरे पिताजी हैं जो तूझे अपनी सच्ची कहानी सुना रहे हैं। तू कहती थी न की… मम्मी… नाना नानी को तो मैंने देख लिया , काश…पापा अनाथ न होते तो दादा दादी का चेहरा भी देख लेती… तेरे पापा अनाथ नहीं है। तू बड़ी होकर जिद न करे दादा दादी से मिलने की इसलिए तूझसे सच छुपाया गया।

A true story of father daughter

फिर तेरे पापा ने तेरे पैदा होने के बाद एक कशम ली की…तेरे अलावा दूसरा संतान फिर कभी नहीं चाहेंगे। अखबार मे इश्तहार देकर तेरे दादा दादी ने बेटी को लेकर ही वापस आने को कहा… मैंने भी जोर दिया वापस जाने को…मगर तूझे गोदी में उठाकर तेरे पापा ने बस इतना ही कहा।

जिस घर में मेरी princess की… हत्या का फरमान निकाला गया हो.. वहाँ एक राजा कैसे सांसे ले सकता है।

अब नजारा अलग था। पायल की आखो में पापा के लिए सम्मान उनकी मोहब्बत के लिए ढेरों सारा प्यार और उनकी कुर्बानी के लिए इबादत करने की जी कर रहा था। आंशू थमने का नाम नहीं ले रहे थे मगर सबकुछ अब सिर्फ पापा के लिए था। पापा ने बस आखरी शब्द इतना ही कहा अपनी बेटी को….. मैं नहीं जानता बेटा, की दुनिया तेरे बारे में क्या सोचती है। मगर तू मेरे लिए बेहद अनमोल है.. भले मैं आज कहीं का राजा नहीं रहा… मगर तू कल भी आज भी और सदा ही… मेरी PRINCESS ही रहेगी।

बेटी ने दौड़कर अपने पापा को गले लगाकर रोते हुए कहा…

आप असली राजा हो और मैं आपकी PRINCESS… सबकी पलके गीली थी, मगर वह एक नई सुबह की शुरुआत थी जंहा PRINCESS फिर से अपने सियासत में लौट आई थी।