बिहार से अविश्वसनीय खबर: पत्नी क्या रूठी…रात में खुद को अकेला पाकर अपना प्राइवेट पार्ट ही काट कुलदेवता स्थान पर चढ़ाया

MADHEPURA, BIHAR : इंसान गुस्से में कब-क्या कर बैठे, कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। दिन-रात साथ रहने वाली पत्नी भी नहीं। तीन लड़कियों के बाद एक लड़का हुआ तो उसी खुशी में गांव आए शख्स ने पत्नी के मायके जाने पर गुस्से में अपना प्राइवेट पार्ट काटकर कुलदेवता स्थान पर चढ़ा दिया। गांव आने के बाद से वह बीमार रह रहा था। इस बीमारी से वह पहले ही तंग था, उसपर गुरुवार दोपहर पत्नी बिना बताए मायके चली गई। दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक उसने जहां-तहां खोजा, मगर नहीं मिली तो रात में अकेला बिस्तर पर गया। फिर किसी समय उठा और अपने शरीर पर ही घात लगा दिया। लोगों ने उसे मुरलीगंज के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

कुल देवता के स्थान पर खून देख लोग चौंके

मुरलीगंज प्रखंड के रजनी प्रसादी गांव निवासी कृष्णा बास्की के पिता अपनी जाति के मुखिया हैं। यहां आदिवासी समुदाय के मुखिया के घर पर ही कुलदेवता स्थापित होते हैं। एक महीना तक चलने वाले मकर संक्रांति उत्सव के दौरान गुरुवार की रात कुलदेवता स्थान में समुदाय की बैठक होने वाली थी। कुल देवता स्थान में खून देखकर लोग चौंक गए। छानबीन की तो देखा कि कृष्णा कमरे में कराह रहा है। प्राइवेट पार्ट कटा हुआ है। लोग भागते हुए अस्पताल पहुंचे और फिर वहां से जन नायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज मधेपुरा। यहां डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है, हालांकि वह दर्द से कुछ बोल नहीं पा रहा है।

कटे अंग को लेकर डॉक्टर कुछ नहीं बता पा रहे

अस्पताल आए पड़ोसी कैलाश ऋषिदेव ने बताया कि कृष्णा दो-ढाई महीने से बीमार है, इसलिए उसकी पत्नी एक बेटी को उसके पास छोड़कर संक्रांति पर्व के लिए मायके गई थी। साथ जाता तो लापरवाही में और बीमार पड़ सकता था। घटना की जानकारी पर मायके पक्ष के भी सभी लोग पहुंच गए। लोग इस बात से चिंतित हैं कि आगे कृष्णा कभी ठीक हो सकेगा या नहीं। डॉक्टरों ने कटे हुए अंग को लेकर ज्यादा समय बीत जाने के कारण फिलहाल कुछ भी कहने में असमर्थता जताई।